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रामसर स्थल /नम भूमि या वैटलैंड

रामसर स्थल (नमभूमि)

यह एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है जिस पर 2फरवरी 1971को ईरान के राम सर स्थल नामक स्थान पर यह एक सम्मेलन हुआ जिसे रामसर स्थल नाम से जाना जाता है।

भारत में इन स्थलों की संख्या 2018 तक 26 थी तथा 2019 में 1और जोडी गई । वर्तमान में इनकी कुल संख्या 37 हैं।


  1. सस्थमकोट्टा झील (केरल)
  2. वेम्बनाड- कोल आद्रभूमि (केरल)
  3. अष्टमुडी नम भूमि (केरल)
  4. भितरकनिका मैंग्रोव (उड़ीसा)
  5. चिल्का झील (उड़ीसा)
  6. भोज आद्रभूमि (मध्य प्रदेश)
  7. चंद्र ताल नम भूमि (हिमाचल प्रदेश)
  8. पोंग बांध झील  ( हिमाचल प्रदेश)
  9. रेणुका आद्ररभूमि (हिमाचल प्रदेश)
  10. दीपोरबील (असम)
  11. पूर्वी कोलकाता की आद्रभूमि  (पश्चिम बंगाल)
  12. सुन्दर वन (पश्चिम बंगाल)
  13. हरिकेश आद्रभूमि(पंजाब)
  14. कंजली आद्रभूमि (पंजाब)
  15. रोपड़ (पंजाब)
  16. होकर साथ आद्रभूमि (जम्मू-कश्मीर)
  17. सुरिंदर-मंसार झील (जम्मू कश्मीर)
  18. त्सोमोरिरी (जम्मू-कश्मीर)
  19. वूलर झील (जम्मू कश्मीर)
  20. नलसरोवर पक्षी अभयारण्य (गुजरात)
  21. कोल्लेरू झील (आंध्रप्रदेश)
  22. लोकतक झील (मणिपुर)
  23. पांइट कैलीमेयर वन्य जीव अभयारण्य (तमिलनाडु)
  24. रूद्रप्रयाग सागर (त्रिपुरा)
  25. सांभर झील (राजस्थान)
  26. ऊपरी गंगा नदी (बृजघाट से नरौरा तक)



2020 में 10 राम सर स्थल नये शामिल किए गए हैं जो    कि उत्तर प्रदेश, पंजाब   महाराष्ट्र में स्थित है।

1. नंदूरमहामेश्वर, नासिक (महाराष्ट्र)
नंदूरमहामेश्वर, नासिक (महाराष्ट्र
नंदूरमहेश्वर -नासिक, महाराष्ट्र

1. यह गोदावरी और कालवा नदी के संगम पर स्थित है।
2. यहां की प्रमुख प्रजातियां Indian Sandalwood tree, Leopard, white Ramped valture, Dealali minnow, Egyptian valture ect.

2. केशोपुर मिथानी कम्युनिटी रिजर्व,
     गुरदासपुर (पंजाब)
केशोपुर मिथानी कम्युनिटी रिजर्व,      गुरदासपुर (पंजाब)
केशवपुर मिथानी कमन्युटी रिजर्व-गुरुदासपुर पंजाब


1. यह देश का पहला अधिसूचित कम्युनिटी रिजर्व है।
2. पंजाब में सारस ,क्रेन और common cranes का एक मात्र आवास है।
3. यहां की प्रमुख प्रजातियां - common pochard, woolly necked stork and Greater sported eagel जैसे प्रवासी पक्षियों का आश्रय स्थल है।

3. व्यास संरक्षण रिजर्व, पंजाब
व्यास संरक्षण रिजर्व
व्यास संरक्षण रिजर्व- पंजाब

1. यह Indus River Dolphins का भारत में एक मात्र आश्रय स्थल है।
2. घड़ियाल संरक्षण प्रोग्राम के लिए चयनित साईटस् है।
यहां पाई जाने वाली प्रमुख प्रजातियां- Smooth coated,otter , Brown roofed terle इत्यादि।

4. नागल वन्य जीव अभयारण्य,
     रूपनगर (पंजाब)
नागल वन्य जीव अभयारण्य
नागल वन्य जीव अभयारण्य- रूपनगर,पंजाब

1. यह पर्यावरण के प्रति अति संवेदनशील शिवालिक की तलहटी में  सतलुज नदी के किनारे स्थित है।
2. यहां पाई जाने वाली प्रमुख प्रजातियां- भारतीय पैंगोलिन, तेंदुआ, भारतीय अजगर, Black bellived tern, कामन पोर्चड इत्यादि।

5. साण्डी पक्षी अभयारण्य, हरदोई

साण्डी पक्षी अभयारण्य हरदोई
साण्डी पक्षी अभयारण्य-हरदोई उत्तर प्रदेश

1. यह लगभग 200 सारस केन्द्र का निवास स्थल है।
2. यहां पायी जाने वाली प्रमुख प्जप्रजाति- Brahming Duck, Red created pochPoc, Northern pintail, Northern shoveler, and cotton teal.

6. समसपुर पक्षी अभयारण्य, रायबरेली, उत्तर प्रदेश

समसपुर पक्षी अभयारण्य रायबरेली
समसपुर पक्षी अभयारण्य - रायबरेली 

1. यह S आकार की आर्द्र भूमि है । जो 6 झीलों से मिलकर बनी हुई है।
2. यहां पारी जाने वाली प्रमुख प्रजातियां- Great Created, spponbill, Gadwell  जैसे प्रवासी पक्षियों का आश्रय स्थल।

7. नवाबगंज पक्षी अभयारण्य,उन्नाव
    उत्तर प्रदेश

नवाब गंज पक्षी अभयारण्य
नवाब गंज पक्षी अभयारण्य-उन्नाव उत्तर प्रदेश

1. यह मानसून अपवाह और शारदा नहर द्वारा पोषित आद्रभूमि है।
2. यहां पायी जाने वाली प्रमुख प्रजातियां- Egyptian Valture, Pallas fish egal, wootly- neked stark जैसे प्रवासी पक्षियों का आश्रय स्थलहै।

8. समन पक्षी अभयारण्य, मैनपुरी
    उत्तर प्रदेश

समन पक्षी अभयारण्य मैनपुरी उत्तर प्रदेश
समन पक्षी अभयारण्य मैनपुरी-उत्तर प्रदेश

 1. यह इंडोगैगेटिक बाढ़ के कारण मैदानी क्षेत्रों में फैला हुआ है।
2. यहां की प्रमुख प्रजातियां- Great White pelicass,Black crowned night horn, common teal,Saras crane.

9. पार्वती कारंगा पक्षी अभयारण्य,गौड़ा उत्तर प्रदेश

पार्वती कांरगा वैटलैंड गोंडा
पार्वती कांरगा वैटलैंड-गोंडा उत्तर प्रदेश

1.
 यह घोड़े की नाल के आकार की दो गोखुर झील से मिलकर बनने वाली आद्ररभूमि है।

2. यहां पायी जाने वाली प्रमुख प्रजातियां- Greater pal egal, sarus crane, River tern, Oriental Droter ect.



10. सरसईनावर झील , इटावा - उत्तर प्रदेश

1. इसका नाम सारस के नाम पर रखा गया है।
2. यहां की प्रमुख प्रजातियां- Painted stork, Asian woolly- neck stork, Black- neckestark का निवास स्थल है।

सरसई नावर वैट लैंड
सरसई नावर वैटलैंड- इटावा उत्तर प्रदेश

 भारत में इनकी संख्या वर्तमान में 37 हो गई है 2020 में 1 महाराष्ट् , 3 पंजाब, तथा 6 उत्तर प्रदेश से  नामित की गई है।

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी  जिले से समन पक्षी बिहार, इटावा जिले से सरसईनावर आद्रभूमि, नबावगंज जिले से नबावगंज आद्रभूमि , हरदोई जिले से सांडी आद्रभूमि , तथा कुछ अन्य जिलों से आद्रभूमियां शामिल की गई हैं।
ये आद्रभूमियां हमारे प्रर्यावरण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं । हमारी प्रकृति की सुरक्षा की दृष्टि से यह अत्यंत आवश्यक हैं।
 इन भूमियों से कितने जीव धारी तथा पशु पक्षी अपनी आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।तथा जल में रहने वाले जलीय जीव जन्तु भी इन्हीं पर निर्भर रहते हैं।

प्रमुख तथ्य- 
1.आर्दृभूमि एक खास परितंत्र है।
2.आर्दृभूमि से जुड़ी सेवाओं में शामिल है- खाद्य ग्राउंड वाटर रिचार्ज,वाटर प्यूरीफिकेशन, बाढ़, शमन, अपरदन नियन्त्रण और जलवायु नियमन, इत्यादि।
3 विश्व संयंत्र पर इनके संरक्षण के लिए 1971 में रामसर सम्मेलन पर हस्ताक्षर हुए थे।





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