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भारत के महत्वपूर्ण दर्र

          भारत के महत्त्वपूर्ण दर्रे                      


पहाड़ियों एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पाये जाने वाले आवागमन के प्राकृतिक मार्गों को दर्रा  कहते हैं

भारत के महत्वपूर्ण दर्रे



रोहतांग दर्रा

रोहतांग दर्रा हिमालय का एक प्रमुख दर्रा हैं। रोहतांग दर्रा- भारत देश के हिमाचल प्रदेश में 13,050 फीट/समुद्री तल से 4111 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है 'रोहतांग दर्रा 'हिमालय का एक प्रमुख दर्रा है। 

पीर पंजाल दर्रा- जम्मू-कश्मीर के दक्षिण-पश्चिम में पीर पंजाल श्रेणियों के मध्य स्थित है। इसकी ऊँचाई लगभग 3,494 मीटर है। यह दर्रा कुलगांव से कोठी हेतु मार्ग उपलब्ध कराता है। जम्मू को श्रीनगर से जोड़ने वाला यह पारंपरिक दर्रा ‘मुग़ल मार्ग’ पर स्थित है। "पीर की गली" के नाम से विख्यात यह दर्रा मुग़ल सड़क के माध्यम से राजौरी और पुंछ के साथ कश्मीर घाटी को जोड़ता है


बुर्जिला दर्रा

बुर्जिला दर्रा जम्मू कश्मीर (भारत) में स्थित है। यह हिमालय के अन्तर्गत आता है। यह दर्रा पाक अधिकृत कश्मीर एवं कश्मीर घाटी को जोड़ता है।
माना दर्रा
माना दर्रा (5,545 मी (18,192 फ़ुट)), भारत चीन सीमा पर स्थित हिमालय का एक प्रमुख दर्रा हैं। इसे माना-ला, चिरबितया, चिरबितया-ला अथवा डुंगरी-ला के नाम से भी जाना जाता है। भारत की तरफ से यह उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ मंदिर के निकट है। माना दर्रा उत्तराखंड के कुमाऊँ श्रेणी में स्थित है। इस दर्रे से होकर मानसरोवर और कैलाश घाटी जाने का मुख्य मार्ग गुजरता है।

लाचा दर्रा
हिमाचल प्रदेश में जास्कर श्रेणियों के मध्य स्थित यह दर्रा मण्डी से लेह जाने का मार्ग प्रदान करता है। यह दर्रा 4,512 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

बनिहाल दर्रा
बनिहाल दर्रा हिमालय का एक प्रमुख दर्रा हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 1अ एनएच1ए इस दर्रे से होकर निकलता है। यही दर्रा कश्मीर घाटी को जवाहर सुरंग के माध्यम से जम्मू के रास्ते शेष भारत से जोड़ता है। बनिहाल दर्रा हिमालय की पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला पर है, जिसे चीरते हुए भारत की सबसे बड़ी सुरंग के रास्ते, जून 2013 में क़ाज़ीगुंड से बनिहाल तक, रेल सेवा शुरु कर दी गयी है।


बोमडिला दर्रा

बोमडिल दर्रा अरुणाचल प्रदेश के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। इस दर्रे से होकर तिब्बत जाने का मार्ग गुजरता है।भूटान के पूर्व में अरुणाचल प्रदेश में स्थित यह दर्रा समुद्र तल से 2217 मीटर (7273 फुट) की ऊँचाई पर स्थित है। यह दर्रा अरुणाचल प्रदेश को तिब्बत की राजधानी ल्हासा से जोड़ता है। प्रतिकूल मौसम और बर्फ़बारी के कारण यह शीत ऋतु में बंद रहता है।


आफिल दर्रा

आफिल दर्रा कराकोरम श्रेणी में के-2 के उत्तर में लगभग 5306 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह दर्रा लद्दाख को चीन के झिंजियांग (सिकियांग) प्रान्त से जोड़ता है। शीत ऋतु में आफिल दर्रा नवम्बर से मई के प्रथम सप्ताह तक बंद रहता है।

भोरघाट दर्रा

भोरघाट महाराष्ट्र राज्य में पश्चिमी घाट श्रेणियों में स्थित एक दर्रा है। यह दर्रा अपनी ख़ूबसूरती के साथ-साथ शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यह दर्रा मुम्बई तथा पुणे के बीच का सम्पर्क मार्ग है। भोरघाट दर्रा 'प्लाकड दर्रे' के नाम से भी जाना जाता है। '

बोलन दर्रा
बोलन पाकिस्तान में स्थित एक दर्रा है। बोलन दर्रा क्वेटा एवं पाकिस्तान को खक्खर से जोड़ता है। बोलन दर्रा अफ़गानिस्तान की सीमा से 120 कि.मी. की दूरी पर है। बोलन दर्रे को दक्षिण एशिया में व्यापारियों, आक्रमणकारियों और खानाबदोश जनजातियों के लिए एक प्रवेश द्वार के रूप में भी इस्तेमाल किया गया।



                                                                                     


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