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प्राकृतिक प्रदेश एवं जनजीवन- घास के मैदान

प्राकृतिक प्रदेश एवं जनजीवन- घास के मैदान
  

शीतोष्ण घास के मैदान घास

उत्तरीय गोलार्ध में टैगा प्रदेश के दक्षिण में घास के मैदान पाए जाते हैं। इन्हें शीतोष्ण घास प्रदेश कहा जाता है । शीतोष्ण घास प्रदेश और टैगा प्रदेश दोनों 25 से 50 सेमी तक वर्षा होती है । लेकिन शीतोष्ण घास प्रदेश क्षेत्र में सघन घास उगती है तो टैगा क्षेत्र में सघन वृक्ष पाए जाते हैं।

  दक्षिण घास क्षेत्र में गर्मी अधिक पड़ती , पानी भाप बन कर उड़ जाता है  और पेड़ों के लायक मिट्टी में नमी नहीं रहती है । अतः यहां घासें उगती हैं। इसके उत्तर में ठंड अधिक ओर गर्मी कम पड़ती है । अतः यहां पर मिट्टी में नमी बनी रहती है।इस कारण टैगा प्रदेश में पेड़ उगते हैं। संसार में दो प्रकार के घास के मैदान पाए जाते हैं।

विश्व के घास के मैदान का मानचित्र


उष्ण कटिबंधीय घास के मैदान-
लानोज              दक्षिण अमेरिका। 
ग्रान्चाको            ब्राजील              
सवाना               उत्तरीय अफ्रीका। 
कम्पोज              ब्राजील              
सैलवास             अमेजन नदी घाटी
पटाना                श्री लंका            
पार्कलैंड             आस्ट्रेलिया         

शीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदान-
प्रेरीज                 उत्तरीय अमेरिका             
कम्पास               अर्जेंटीना            
वेल्ड                   साउथ अफ्रीका   
डाउन्स                आस्ट्रेलिया         
स्टेपी                    यूरेसिया           

रूस में इस इस घास के मैदान को स्टेपी कहते हैं। यूरेशिया में कारपेंथियन पर्वत से लेकर अल्टाई पर्वत तक इस घास भूमि का विस्तार है। उत्तरीय अमेरिका में राकी पर्वत के पूर्वी ढालों से लेकर बड़ी झीलों तक विशाल घास भूमि का क्षेत्र है। इसे यहां प्रेयरी प्रदेश कहते हैं।

जलवायु

  • उत्तरी गोलार्ध के शीतोष्ण घास के मैदान में महाद्वीपीय जलवायु की प्रधानता होती है।जब कि दक्षिण गोलार्ध के शीतोष्ण घास के मैदान में महाद्वीपीय जलवायु का प्रभाव कम पड़ता है ।
  • उत्तरीय गोलार्द्ध के घास के मैदानों में कड़ी सर्दी पड़ती है। यहां कई महीने तापमान हिमाक के नीचे रहता है और वर्फ जमी रहती है। गर्मी साधारण होती है।
  • वर्षा और तापमान में कमी के कारण इन प्रदेशों में वृक्ष बहुत कम उगते हैं और घासें अधिक ।
  • अधिकांश वर्षा गर्मी में होती है। शीत काल की अल्पवर्षा हिम का रूप धारण कर लेती है।
  • यहां की घासें मुलायम, लम्बी और गुच्छेदार होती हैं।

जीव - जन्तु

  एशिया के स्टेपी प्रदेश में जंगली घोड़े, उत्तरीय अमेरिका के प्रेरीज प्रदेश में कुत्ते व तेजी से भागने वाले बाईसन , दक्षिणी अमेरिका के पम्पाज में जंगली भैंसा , पम्पा हिरण , रीया पक्षी , आस्ट्रेलिया में इमू , कंगारू, कोकाबुर्रा आदि विशिष्ट जीव जन्तु पाए जाते हैं।

मानव जीवन

एशिया के स्टेपी प्रदेश में किरगीज, कज्जाक, आदिवासी जनजातियां खाना बदोशी का जीवन व्यतीत करती थी, परन्तु पिछले कुछ दशकों में इनकी दुनिया में बड़े परिवर्तन हुए हैं, बस कुछ ही क्षेत्रों में उनका पुराना रूप रह गया है। पशुचारण पर जीवन निर्वाह करने वाली जनजातियों में किरगीज विशेष रूप से उल्लेखनीय है। ये दक्षिणी पश्चिमी साइबेरिया के मूल निवासी हैं। अब ये अब भी अपने पशुओं के चारे आदि की तलाश में मौसम के अनुसार आते जाते हैं। ये भेड़, ऊंट, घोड़ा, बकरियां पालते हैं।

  उत्तरीय अमेरिका के आदिवासी लोग पहले प्रेरीज में चरने वाले बाईसन (जंगली गाय-बैल) को हांक कर एवं रास्ते में चोरों से बचाकर मांस के लिए शहरों तक पहुंचाते थे। जो लोग यह जोखिम भरा धन्धा करते थे उन्हें काऊबाय कहा जाता था।

       अब अच्छी नस्ल की गायों को पालने के लिए अलग फार्म बना लिए गए हैं।ये लोग सैकड़ों किलोमीटर लंबी जमीन पर कंटीले तार लगाकर बाड़ा बना लेते हैं । इन्हें रैंच कहा जाता है। रैंच के साथ मलिक अपने परिवार के साथ आधुनिक घरों में रहते हैं जानवरों की देखभाल, इलाज, आदि के लिए सेेेवक रखते हैं और उनके लिए भी सुविधाजनक घर बनवाते हैं। काऊवाांय अब घोड़े के साथ साथ जीपों एवं हेलीकाप्टरों का भी उपयोग करने लगें हैं ।

       वर्तमान समय में घास के मैदान सभी प्रदेशों के अधिकांश भागों में आधुनिक मशीनों का प्रयोग करके खाद्यान्नों की खेती की जाती है। अब ये प्रदेश विश्व के प्रमुख अन्नभंडार तथा दुग्धव्यवसाय के केन्द्र बन गये हैं।

भूमध्य सागरीय प्रदेश

      जिस तरह से शीीोष्ण घास के मैदान खाद्यान्न उत्पादन एवं दुु्ध उत्पादन के लिए विश्व विख्यात है, उसी तरह से भूमध्य सागरीय प््रदेेश
फलों के उत्पादन के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
   
       भूमध्य सागरीय प्रदेश का विस्तार भूमध्य सागर के दोनों ओर 30 से 40 अक्षांशो के बीच महाद्वीपों के पश्चिम भागों में पाया जाता है। इस प्रदेश के अन्र्तगत भुमध्य सागर के चारों ओर के देश , उत्तरी अमेरिका में कैलीफोर्निया, दक्षिणी अमेरिका में चिली , आस्ट्रेलिया का दक्षिणी भाग तथा दक्षिण अफ्रीका का दक्षिण पश्चिम भाग सम्मलित है। इस प्रदेश का विस्तार भूमध्य सागर के चारों ओर अधिक पाया जाता है, इस लिए इसका नामकरण भूमध्य सागरीय प्रदेश किया गया है।

जलवायु
   

  • ग्रीष्मकाल गर्म तथा शुष्क होता है, जब कि शीतकाल साधारण तथा आद्र होता है।
  • वर्ष भर अधिक मात्रा में धूप की प्राप्ति होती है।
  • शीतकाल में औसत तापक्रम 5 से 10 सेल्सियस तथा ग्रीष्मकाल‌ में 20से 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।
  • यह प्रदेश स्वास्थ्यवर्धक तथा आनन्ददायक तथा शीत काल के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
  • वार्षिक वर्षा का औसत 37 से 75 से भी के बीच होता है।
  • शीतकाल में वर्षा अधिक होती है। जब कि ग्रीष्मकाल शुष्क रहता है।

 सूर्य के उत्तरायण और दक्षिणायन होने के कारण वायुदाब पेटियों में ऋतुवत स्थानान्तरण के कारण ही भूमध्य सागरीय जलवायु की उत्पत्ति होती है।


वनस्पति

   इस प्रदेश में जाडे में वर्षा की अधिकता तथा ग्रीष्मकाल सूखा रहने के कारण विशेष प्रकार की वनस्पतियां पाईं जाती है। जिनमें ओक, वालनट, चेस्टनेट, सेडार, जैसे प्रमुख वृक्ष हैं। कहीं कहीं छोटे-छोटे वृक्षों वाली झाड़ियों के झुंड भी पाये जाते हैं, जिनको कैलीफोर्निया में चैपरल और दक्षिण यूरोप में मावची कहते हैं।

रूम सागरीय प्रदेश अपने रसीले फलों के लिए विश्व विख्यात है-
नीबू, संतरा,  अंगूर,  सेव,  खुबानी,  शहतूत,  जैतून,  अंजीर आदि।

भूमध्य सागरीय प्रदेश में पाये जाते वाले वृक्षों की जड़े लम्बी,‌ छालें मोटी और पत्तियां छोटी व मोटी होती है । इन्हीं विशेषताओं के कारण ये ग्रीष्म ऋतु की चिलचिलाती धूप से अपनी रक्षा करते हैं।

मानव जीवन

   भूमध्य सागरीय प्रदेश प्राचीन काल से ही बड़े विकसित रहे हैं। प्राचीन काल में यूनान , रोम, मिस्त्र और सीरिया कि सभ्यताएं इसी प्रदेशों में विकसित हुई थी ।

इस प्रदेश में उत्तम जलवायु , उपजाऊ भूमि तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों की सुलभता से मानव जीवन एवं रहन सहन स्तर ऊंचा है। आधुनिक आर्थिक विकास की दृष्टि से यह प्रदेश काफी विकसित हैं।
यहां के निवासी अनैक प्रकार के व्यवसाय में लगे हुए हैं। इन प्रदेशों में फलों की खेती, अनाज उत्पादन, शराब,कृष उद्योग, इन्जीइंजीनि तथा खनिज उद्योग का विशेष महत्व है। इस प्रदेश के निवासी आधुनिक एवं वैभव पूर्ण जीवन व्यतीत कर रहे हैं।।

जैतून से तेल निकालना, अंगूर से शराब बनाना तथा शहतूत की पत्तियां पर रेशम के कीड़े पालकर रेशम तैयार करना यहां के अन्य उद्योग हैं।

महत्वपूर्ण प्रश्न - यूपी.टीईटी,सुपर टीईटी,सीटीईटी

1.रूस में घास के मैदान को स्टेपी कहते हैं।
2. संयुक्त राज्य अमेरिका के घास के मैदान को प्रेरीज कहते हैं।
3. भूमध्य सागरीय प्रदेश महाद्वीपों के पश्चिम भागों पर पाये जाते हैं।
4. अर्जेंटीना में घास के मैदान को पम्पास कहते हैं।
5. भूमध्य सागरीय प्रदेश में अधिक वर्षा होती है।



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