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भारत : खनिज संपदा

भारत  :  खनिज संपदा

वर्तमान समय में खनिज किसी भी देश के लिए बहुत मूल्यवान प्राकृतिक संसाधन हैं। किसी भी देश के आर्थिक विकास में खनिज पदार्थों का बहुत बड़ा योगदान होता है। यह खनिज पदार्थ धरातल पर तथा धरातल के नीचे मिलते हैं।

प्रश्न - खनिज पदार्थ किसे कहते हैं ?
उत्तर - वे वस्तुएं, जो खोद कर धरातल से निकाली जाती है, उन्हें खनिज पदार्थ कहते हैं। जहां, धरातल से खोदकर खनिज को निकाला जाता है उसे खान कहते हैं। खनिज पदार्थ जिन कच्ची, धातुओं से मिलकर बना होता है उन्हें अयस्क कहते हैं।

पदार्थ दो प्रकार के होते हैं- 
1. धात्विक - लोहा, तावां, सोना, चांदी, एल्युमिनियम आदि।
2. अधात्विक - कोयला, खनिज तेल, अभ्रक, गन्धक, पोटास, आदि।

1. लोहा
लौह धातु आपके विभिन्न कार्यों में प्रयोग होता है। जब लौह - धातु अन्य पदार्थों में मिली रहती है तब इसे लौह अयस्क IRON-ORE कहते हैं। इसे ऊष्मा के प्रयोग द्वारा अयस्क से अलग कर लौह धातु के रूप में प्राप्त किया जाता है। लौह धातु की मजबूती के आधार पर मैग्नैटाइट , हेमाटाइट, लामोनाइट, और सिडेराइट प्रकारो में बांटा जाता है। हमारे देश से लोहा विदेशों को भेजा जाता है जिससे विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है इसे मंगाने वाले देश चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग, पाकिस्तान आदि हैं।  यह जो, ओडिशा, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, गोवा, तेलंगाना राज्य में मिलता है।

आर्थिक महत्व
हर प्रकार की मशीनरी और कल कारखानों के निर्माण में काम में आता है, उद्योग इसी पर निर्भर हैं।

2. तांबा 

  यह राजस्थान, झारखंड, मध्य प्रदेश, कर्ननाटक, सिक्ककिम, आंध्रप्रदेश राज्य में मिलता है।


आर्थिक महत्व

बिजली के तार, मुद्राएं, बर्तन, मशीनों के कल - पुर्जों बनाने के काम आता है।

3. एल्युमिनियम (बाक्साइट) 

एल्युमिनियम का बर्तन आपने अवश्य देखा होगा। यह बर्तन जिस अयस्क के द्वारा बनता है, उसे बाक्साइट कहते हैं। बाक्साइट खानों से निकला जाता है। इसे शुद्ध करने के लिए उच्च तापमान पर गलाया जाता है शुद्ध एल्युमिनियम छानकर अलग किया जाता है। यह ।एल्म एल्युमिनियम अपने हल्केपन, मजबूती, लोचदार, तथा चमकदार होने के कारण विविध प्रकार से हमारे लिए उपयोगी है। जैसे वायुयान, विद्युत तार, मशीनों के पुर्जे, फर्नीचर, वाहन, तथा वर्तन आदि में इसका उपयोग किया जाता है। यह ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु राज्य में मिलता है।


आर्थिक महत्व
इसका उपयोग वायुयानों, बिजली के तार आदि बनाने के लिए होता है।

4. मैगजीन
यह एक महत्वपूर्ण खनिज है। इसके उपयोग लौह इस्पात (स्टील) बनाने, ब्लीचिंग पाउडर, शुष्क बैटरीज, चमड़ा, शीशा माचिस आदि उद्योगों में किया जाता है। मध्य प्रदेश तथा महाराष्ट्र राज्यों से देश का अधिकांश मैगजीन प्राप्त किया जाता है। कुल उत्पादन का लगभग एक चौथाई भाग मैगजीन जापान , ग्रेटब्रिटेन , संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, आदि देशों से निर्यात किया जाता है।
  यह मध्य प्रदेश, गुजरात, आंध्रप्रदेश, कर्ननाटक, गोवा, ओडिशा, झारखंड, राजस्थान, तेलंगाना, महाराष्ट्र राज्य में मिलता है।

आर्थिक महत्व
इस्पात बनाने में, ब्लीचिंग पाउडर, कीटाणु नाशक दवाएं, आक्सीजन, क्लोरीन गैस, शुष्क बैटरीज और कांच का सामान बनाने के काम में आता है।

5. सोना
हिंदुस्तान में प्रायः सभी प्रांतों में सोना पाया जाता हैं, पर मैसूर और हैदराबाद की खानों में अधिक मिलता है । पिछली शताब्दी में कैलि- फोर्निया और आस्ट्रेलिया में भी इसकी बहुत बड़ी खानें मिली हैं । सोना सब धातुओं में श्रेष्ठ माना गया है । हिंदू इसे बहुत पवित्र और लक्ष्मी का रुप मानते हैं । कमर और पैर में सोना पहनने का निषेध है । सोना कितनी ही रसौषधों में भी पड़ता है । वैद्यक में यह त्रिदोषनाशक तथा बलवीर्य, स्मरण शक्ति और कांतिवर्धक माना गया है ।

 पर्या॰— स्वर्ण । कनक । कांचन । हेम । गांगेय । हिरण्य । तप- नीय । चांपेय । शांतकुंभ । हाटक । जातरुप । रुक्म । महारजत । भर्म्म । गैरिक । लोहवर । चामीकर । कार्तस्वर । मनोहर । तेज । दीप्तक । कर्व्वूर । कर्च्चूर । अग्निवीर्य । मुख्यधातु । भद्राधातु । भद्र इत्यादि नामों से जाना जाता है।

यह कर्नाटक ( कोलार जिले में सर्वाधिक), झारखंड आदि राज्यों में पाया जाता है।

आर्थिक महत्व
यह बहुत मूल्यवान धातु है। यह आभूषण बनाने के काम में आता है एवं मुद्रा के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।

6. चांदी
भारत में इसका बहुत कम उत्पादन होता है। आवश्यकता पूर्ति के लिए बेल्जियम, ब्रिटेन, इटली, पश्चिमी जर्मनी आदि देशों से इसका आयात करना पड़ता हैं इसके प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं- राजस्थान में जावर माइन्स, कर्नाटक में चित्रदुर्ग तथा बेलारी ज़िले, आन्ध्र प्रदेश में कडपा, गुंटूर तथा कुरनूल ज़िले, झारखण्ड में संथाल परगना तथा उत्तराखण्ड में अल्मोड़ा। पहले इसका उत्खनन तमिलनाडु के अन्नतपुर में भी किया जाता था जो अब समाप्त हो गया है। 1999-2000 के दौरान देश में कुल 53641 किग्रा. चांदी का उत्पादन हुआ।
भारत में अधिकतर यह राजस्थान में पायी जाती है।

आर्थिक महत्व
आभूषण बनाने के काम में आता है। 

7. जस्ता
भारत में यह यह राजस्थान राज्य में मिलता है । इसे जस्ता या जिंक के नाम से भी जानते हैं । जो  हमारे शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण खनिज है जो हमारे अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। जस्ता हमारे पूरे शरीर की कोशिकाओं में पाया जाता है। जिंक हमारे शरीर के ठीक से काम करने और इम्युनिटी सिस्टम (immunity system) के लिए बहुत आवश्यक है।


आर्थिक महत्व
बर्तनों, बैटरियों, और छपाई में प्रयुकत होता है। लोहे की चादरों पर जंग लगने से बचाने के लिए काम आता है।





अधात्विक खनिज पदार्थ

 आप प्राकृतिक गैस, खनिज तेल, एवं कोयला आदि का नाम जानते हैं जो जलाने के अलावा अन्य प्रकार से भी उपयोगी है- जैसे गैस की सहायता से जोड़ाई कार्य इत्यादि होता है। यह अधात्विक खनिज पदार्थ हैं।

1. अभ्रक 
होली या अन्य त्योहारों में अबीर , गुलाल, के साथ अत्यंत हल्का चमकीला, सफेद, हरा, काला, तथा हल्का गुलाबी रंगों में उड़ता हुआ पदार्थ देखा होगा । यह चमकीला , हल्का रंगीन पदार्थ ही अभ्रक है विश्व में हमारा भारत सबसे अधिक अभ्रक उत्पादन करता है । यह  आंध्रप्रदेश, राजस्थान, झारखंड में मिलता है। आंध्रप्रदेश  भारत का सबसे प्रमुख अभ्रक उत्पादक राज्य है।

आर्थिक महत्व
बिजली के उपकरण, तार, वायुयान, कम्प्यूटर, लालटेन, की चिमनियां, चश्मों, उच्च ताप की भट्ठियों आदि के निर्माण में काम करता है।

2. संगमरमर
यह मध्य प्रदेश, राजस्थान में पाया जाती है।

आर्थिक महत्व
सुन्दर और कीमती मूर्तियों, इमारतों के निर्माण में काम आता है।

3. नमक
यह भारत के राजस्थान, हिमाचल प्रदेश (सेंधा नमक), गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, ओडिशा, आंध्रप्रदेश, केरल राज्य में मिलता है।

आर्थिक महत्व
यह जीव जंतु के भोज्य पदार्थो एवं रसायनिक प्रक्रिया में प्रयोग किया जाता है।

4.चूना पत्थर
यह भारत में राजस्थान, मध्य प्रदेश, आंध्रप्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ में पाया जाता है।

आर्थिक महत्व
सीमेंट उत्पादन , लौह इस्पात उद्योग, उर्वरक एवं रसायन उद्योग में उपयोग किया जाता है।

5. हीरा 
यह मध्य प्रदेश राज्य के पन्ना जिले में पाया जाता है।

आर्थिक महत्व
यह कीमती पत्थर है । आभूषणों और औद्योगिक कार्यों में इसका उपयोग किया जाता है।

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