भारत के प्रमुख लोकनृत्य 2021 | Folk Dance of India

भारत में एक विविधिता वाला देश हैं जिनमें अपने प्रत्येक राज्य का अपना अलग-अलग नृत्य होता है। जहां के स्थानीय निवासी किसी पर्व में या कोई उत्सव में उस नृत्य का प्रदर्शन करतें हैं। इसे ही लोक नृत्य (Folk dance) कहते हैं।

भारत के प्रमुख लोकनृत्य |  Folk Dance of India


एक दिवसीय परीक्षाओं में इन लोकनृत्यों से प्रश्न अवश्य ही बनते हैं। जोकि परीक्षा के दृष्टिकोण से बहुत ही उपयोगी हैं। इस पोस्ट में भारत के लोकनृत्यों तथा शास्त्रीय नृत्य के बारे में दिया गया है। इस आर्टिकल को पढ़कर  आप को बहुत ही अच्छा महशूस होगा, तथा लोकनृत्य के बारे में आपको पूरी जानकारी हो जाएगी।

भारत के लोकनृत्यों की सूची [list of folk dances of india]



 राज्य लोकनृत्य
उत्तर प्रदेश  रास लीला, नौंटंकी,थाली, पैता, जांगर, चापरी, करन, कजरी, चारकूला, ।
उत्तराखंड झूला, झोरा, कुमांयू।
आंध्रप्रदेश मरदाला, कुम्भी, घंटामर्दाला छड़ी नृत्य, बात कम्भा, वीधी, मधुरी, ओट्टन तुल्लू, कालीयट्टम, कुडीयट्टम, भद्रकालि।
कर्नाटक यक्षगान, कुनीता, वीरगास्से, भूतकोला, कर्गा
गुजरात गणपतिभजन, रासलीला, डांडिया रास, गरबा, पणिहारी नृत्य, लास्य, टिप्पानी, अकोलिया, भवई।
गोवा दकनी, खोल झगोर, मांडी।
राजस्थान  कठपुतली, धापाल, जिंदाद, पूगर, सुइसिनी, बगरिया, ख्याल, शकरिया, गोयिका, लीला, झूलनलीला, कामड़, चरी, चंग, फुदी, गीदड़, गैर पणिहारी, गणगौर
जम्मू कश्मीर राउफ, भदजास, हिकात।
 लक्ष्यद्वीप परिचाकाली।
अरूणांचल प्रदेश मुखौटा, युद्ध नृत्य।
हरियाणा भांगड़ा ,सांग,  धमान।
पंजाब भांगडा, गिध्दा, कीकली।
तमिलनाडु कुम्भी, कावड़ी, कडागम, कोलाट्टम, पित्रल, कोआट्टम, भारतनाट्यम
हिमाचल प्रदेश सांगला, चम्बा, डांगी, डंडा, नाव, डफ, धमान, थाली, जद्धा, छरवा, महाथू, छपेली।
झारखंड करमा, सरहुल, छऊ, जट जाटिन।
असम कली गोपाल, खेल गोपाल, बिहू, राखल, बिहुआ, नटपूजा, चोंगली, चौंगवी, नागानृत्य, अंकियानाट।
नागालैंड रेगमा, चोंग नोगकेम, चिंता, कजरम, युद्धनृत्य, खैवालिंम, नूरालिप, कुर्सी नागा, चुमिके, दोहाई।
मणिपुर चोंग, महारास, नटराज, लाई हरोबा, संखाल, वसंत रास, थाग्टा, पुगवालोग, कीतत्वम्
मिजोरम चेरोकान, पारखुपिला, ।
मेघालय बागला लाहो।
मध्य प्रदेश रीना, चौत, दिवारी, नवरानी, गोन्यो, सुआ, भगोरिया, करमों, पाली, डागला छेरिया, हूल्को मंदिरी, सैला, बिल्धा, टपाडी, गोडा
महाराष्ट्र मोनी, बोहदा, लेजम, लावनी, दहिकला, तमाशा, गणेश चतुर्थी, कौली, गफा, ललिता, मौरीधा।
बिहार वैगा, जदूर, जाया, जट-जाटिन, माधी, मूका, लुझरी, विदायत, कीर्तनिया, पंवरिया, जातरा, सोहराई,
 पश्चिम बंगाल
राम भेसे, गम्भीरा, बाउल, जात्रा, कीर्तन, काठी, महाल, गम्भीरा, रायवेश, मरसिया
उडीसा छऊ, पैका, सवारी, पुगनाट, धूमरा, जदूर, मुदारी, गरूड़ वाहन, ओडिसी।

उत्तर प्रदेश के प्रमुख लोकनृत्य 

नौटंकी 
यह उत्तर प्रदेश का बहुत ही महत्वपूर्ण एवं प्रसिद्ध लोक नृत्य है। इसमें महिलाओं द्वारा किसी शुभ अवसर पर या कोई पर्व पर नृत्य किया जाता है। तथा विभिन्न प्रकार के नाटकों का मंचन किया जाता है।

चारकूला
यह भी उत्तर प्रदेश का बहुत ही प्रसिद्ध लोक नृत्य है जो उत्तर प्रदेश के आगरा मथुरा में प्रमुख रूप से किया जाता है। यह नृत्य मथुरा में विशेषकर होता है। यह नृत्य महिलाएं करती हैं। इस नृत्य में महिलाएं अपने शिर पर दीपक से भरी थाली  को रख कर डांस करती हैं।

रासलीला
यह भी बहुत ही प्रसिद्ध लोक नृत्य है जो उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन बरसाना इत्यादि स्थानों पर बहुत ही धूमधाम से किया जाता है। इसमें पुरुष भगवान श्री कृष्ण का रूप रखते हैं। तथा स्त्रियां गोपिया बनती हैं। और यह नृत्य रात में पूर्णमासी के दिन मनाया जाता है।

कजरी 
अभी बहुत ही प्रसिद्ध लोक नृत्य है जो उत्तर प्रदेश के  पूर्वांचल जिलों में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है।

राजस्थान के प्रमुख लोकनृत्य 

कालबेलिया
राजस्थान के कालबेलिया सपेरा जनजाति की स्त्रियों का नृत्य है। इसमें पोशाकें  तथा नृत्य की चाल सर्प के समान होती है। बीन इस नृत्य विद्या का लोकप्रिय वाद्य है । 2011 में यूनेस्को ने कालबेलिया लोक गीतों तथा नृत्य को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधि सूची में स्थान दिया है।

धूमर
यह राजस्थान के भील जनजातियों के द्वारा किया जाता है। इस नृत्य को भील जनजाति की स्त्रियां करती हैं। तथा यह राजस्थान का प्रचलित लोक नृत्य है।

असम के प्रमुख लोकनृत्य 

बिहू
यह नृत्य असम के कचारी तथा कछारी जनजातियों में प्रचलित है। या लोक नृत्य असम में प्रत्येक 3 वर्ष के बाद आयोजित होता है।

गुजरात के प्रमुख लोकनृत्य 

गरबा
यह लोकनृत्य गुजरात राज्य में  स्त्रियों के द्वारा नवरात्रि के अवसर पर आयोजित किया जाता है। इसमें मिट्टी की एक छिद्रयुक्त घड़े में दीपक रखकर उसके चारों और गोल घेरा बनाकर तथा माथे पर दीपक युक्त मिट्टी का पात्र रखकर नृत्य किया जाता है।

टिप्पानी
यह गुजरात का बहुत ही लोकप्रिय प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जो गुजरात की महिलाओं के द्वारा गुजरात के सौराष्ट्र में किया जाता है।

छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोकनृत्य

पाण्डवानी
या छत्तीसगढ़ में प्रचलित एकल लोक नृत्य है। इसका संबंध मूल रूप से पांडवों की कथा से है। वर्तमान में तीजनबाई पंडवानी की प्रसिद्ध कलाकार हैं।

जम्मू कश्मीर के प्रमुख लोकनृत्य 

रउफ
जम्मू कश्मीर राज्य का सबसे प्रसिद्ध लोक नृत्य है। जिसमें ग्रामीण स्त्रियां दो पंक्तियों में आमने सामने खड़ी होकर एक दूसरे के गले में अपनी बाहें डालकर नृत्य करती हैं।

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