शिक्षा मनोविज्ञान Education Psychology

 शिक्षा मनोविज्ञान (Education Psychology)

शिक्षा मनोविज्ञान Education Psychology

Psychology शब्द की उत्पत्ति ग्रीक/लैटिन भाषा के दो शब्दों से Psyche+Logos से मिलकर हुई है। यहां Psyche का अर्थ आत्मा तथा Logos का अर्थ अध्ययन करना है।
शताब्दियों पूर्व मनोविज्ञान को दर्शनशास्र की एक शाखा के रूप में माना जाता था। मनोविज्ञान को स्वतन्त्र विषय बनाने के लिए इसे परिभाषित करना प्रारम्भ किया गया।
  • आत्मा शब्द को आधार मानकर 16 वीं शताब्दी में सर्वप्रथम प्लेटो, सुकरात, डेकार्टे के द्वारा मनोविज्ञान को आत्मा का विज्ञान माना गया।
  • आत्मा शब्द की स्पष्ट व्याख्या नहीं होने के कारण 16 वीं शताब्दी के अंत में यह परिभाषा अमान्य हो गई।
  • 17 वीं शताब्दी में इटली के मनोविज्ञानी पाॅम्पानोजी व थासडरीड ने मनो विज्ञान को मन या मस्तिष्क का विज्ञान माना।
  • बाद में यह परिभाषा भी अमान्य व अपूर्ण अर्थ होने के कारण 18 वीं शताब्दी में अमान्य हो गई।
  • 19 वीं शताब्दी में विलियम वुंट, विलियम जेम्स, जेम्ससली‌ टिचनर , वाइव्स आदि के द्वारा मनोविज्ञान को चेतना का विज्ञान माना।
  • यह परिभाषा भी अपूर्ण अर्थ होने के कारण अमान्य कर दी गई।
  • 20 वीं शताब्दी में मनोविज्ञान को व्यवहार का विज्ञान माना गया। और आज तक यही परिभाषा प्रचलित है। व्यवहार का विज्ञान मानने वाले प्रमुख मनोवैज्ञानिक वाटसन, वुडवर्थ, स्किनर, मेग्डूगल व थार्नडाइक आदि।

मनोविज्ञान की परिभाषाएं

वाटसन के अनुसार :-  “मनोविज्ञान व्यवहार का निश्चित विज्ञान है।”

 तुम मुझे एक बालक दो मैं उसे वो बना सकता हूं जो मैं बनाना चाहता हूं।

वुडवर्थ के अनुसार :- “मनोविज्ञान ने सर्वप्रथम अपनी आत्मा का त्याग किया। फिर मन व मस्तिष्क का त्याग किया फिर उसने अपनी चेतना का त्याग किया और आज वर्तमान में मनोविज्ञान व्यवहार के विधि स्वरूप को स्वीकार करता है।”
मेग्डुगल के अनुसार :-  “मनोविज्ञान व्यवहार वह आचरण का विज्ञान है।”
स्किनर के अनुसार :-  “मनोविज्ञान व्यवहार वह अनुभव का विज्ञान है।”
वाटसन के अनुसार :-  “मनोविज्ञान व्यवहार का शुद्ध, निश्चित, सकारात्मक, धनात्मक विज्ञान है ।”
क्रो एण्ड क्रो के अनुसार :-  “मनोविज्ञान मानव व्यवहार और मानव संबंधों का अध्ययन है।”
मन के अनुसार :-  “आधुनिक मनोविज्ञान का संबंध व्यवहार की वैज्ञानिक खोज है।”
रूसो के अनुसार :-  “बालक एक पुस्तक के समान है जिसका अध्ययन प्रत्येक अध्यापक को करना चाहिए।”
क्रो एण्ड क्रो के अनुसार  :-  “शिक्षा मनोविज्ञान जन्म से वृद्धावस्था तक एक व्यक्ति के सीखने के अनुभवों का वर्णन और व्याख्या करता है।”
फ्रोबेल के अनुसार :-  “शिक्षा एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक बालक अपनी जन्मजात शक्तियों का विकास करता है।”
स्किनर के अनुसार :-  “मनोविज्ञान शिक्षा का आधार भूत विज्ञान है।”
ट्रो के अनुसार  :-  “शिक्षा मनोविज्ञान शैक्षणिक प्रस्तुतियों का मनोवैज्ञानिक दृष्टि से अध्ययन है।”
प्रथम शैक्षिक मनोविज्ञानिक थार्नडाइक को माना जाता है। शिक्षा में मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण का सूत्रपात रूसो ने किया। उन्होंने अपनी पुस्तक एमील में लिखा है। शिक्षा संस्कृत के शिक्ष् धातु से बना है।
अर्थात शिक्षा का अर्थ होता है बाल की अन्तर्निहित योग्यताओं को बाहर निकालकर उसके व्यवहार में परिवर्तन करना है।
Education शब्द की उत्पत्ति लेटिन भाषा के दो शब्दों से भी मानी जाती है।
1. Educare
2. Educere
Educare का अर्थ होता है पालन पोषण करना तथा Educere का अर्थ आगे बढ़ना। अर्थात मानव व्यवहार का अध्ययन कर उसमें परिवर्तन या परिमार्जन करना ही शिक्षा मनोविज्ञान है।

मनोविज्ञान की मुख्य शाखाएं/क्षेत्र

1. सामान्य मनोविज्ञान
2. असामान्य मनोविज्ञान
3. तुलनात्मक मनोविज्ञान
4. प्रयोगात्मक मनोविज्ञान
5. समाज मनोविज्ञान
6. औद्योगिक मनोविज्ञान
7. बाल मनोविज्ञान/ बाल विकास
8. किशोर मनोविज्ञान
9. प्रौढ़ मनोविज्ञान
10. विकासात्मक मनोविज्ञान
11. निदानात्मक/उपचारात्मक मनोविज्ञान
12. परा मनोविज्ञान
13. पशु मनोविज्ञान
14. शिक्षा मनोविज्ञान

शिक्षा मनोविज्ञान की प्रकृति 

  1. शिक्षा मनोविज्ञान की प्रकृति वैज्ञानिक है।
  2. इसमें नियम व सिद्धांत का प्रयोग किया जाता है।
  3. किसी भी वैज्ञानिक पद्धति में हम उसका अध्ययन करते हैं। जिसका निरीक्षण किया जा सकता है। अतः शिक्षा मनोविज्ञान व्यवहार का अध्ययन करता है। जिसका कि निरीक्षण किया जा सकता है।
  4. शिक्षा मनोविज्ञान व्यक्ति के व्यवहारात्मक पक्ष का शैक्षणिक परिस्थितियों में अध्ययन करता है।
  5. शिक्षा मनोविज्ञान व्यक्ति के व्यवहार का वैज्ञानिक अध्ययन करता है।
  6. शिक्षा मनोविज्ञान एक सकारात्मक (विद्यायक) विज्ञान है।
  7. शिक्षा मनोविज्ञान अतीत की अपेक्षा वर्तमान की घटनाओं से क्या और क्यों से संबंधित है।
  8. इसके नियम व सिद्धांत सार्वभौमिक होते हैं।
  9. इसके द्वारा भविष्यवाणी की जा सकती है।

शिक्षक के लिए शिक्षा मनोविज्ञान की उपयोगिता

  1. स्वयं को पहचानने में सहायक।
  2. बालक को पहचानने में सहायक।
  3. शिक्षक के दृष्टिकोण को उन्नत व व्यापक बनाने में सहायक।
  4. किसी भी प्रकार की कक्षा में शैक्षणिक प्रस्तुतियां जागृत करने में सहायक।
  5. बालकों के प्रेम सहानभूति व समदृशी भाव अपनाने में सहायक।
  6. बालकों के चहुंमुखी विकास के लिए उचित शिक्षक विधियां अपनाने में सहायक।
  7. बालकों को अभिप्रेरित करते हुए उनमें रुचि जागृत करना।
  8. मूल्यांकन की नई नई विधियों का प्रयोग करना चाहिए।
See also  CTET EXAM 2021: बालक केन्द्रित शिक्षा से संबंधित प्रश्न | Child Centered Education Notes
 
नोट
  • विलियम वुंट ने जर्मनी के लिपजिग शहर में‌ (कार्ल मार्क्स विश्व विद्यालय)  1879 को प्रथम मनोविज्ञान प्रयोग शाला खोली। तथा भारत में 1915 में सेनगुप्त द्वारा स्थापित प्रथम मनोवैज्ञानिक प्रयोगशाला स्थापित की इसलिए विलियम वुंट को प्रयोगात्मक मनोविज्ञान का जनक माना जाता है।
  • विलियम मेग्डूगल ने अपनी पुस्तक Outline psychology में चेतना शब्द की निंदा की।
  • मनोविज्ञान शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम रुडोल्फ गोयकल को जाता है। 
  • विलियम जेम्स ने दर्शनशास्र से मनोविज्ञान को मुक्त कराया।
  • अमेरिका में मनोविज्ञान के जनक विलियम जेम्स ही हैं मनोविज्ञान की शाखा शिक्षा मनोविज्ञान की उत्पत्ति 1900 ई. में मानी जाती है।