मिल्खा सिंह का जीवन परिचय | Biography of Milkha Singh in Hindi

मिल्खा सिंह का जीवन परिचय | Biography of Milkha Singh in Hindi
                                           Milkha Singh


पूरा नाम      : मिल्खा सिंह

उपनाम       : फ्लाइंग सिख

जन्म          : 20 नवम्बर 1929

जन्म स्थान : गोविन्दपुर (पाकिस्तान)

मृत्यु          : 18 जून 2021

मृत्यु स्थान  : चंढीगढ़ 

कार्य क्षेत्र    : महान धावक

 मिल्खा सिंह के बारे में-

भारत के सबसे प्रसिद्ध और सम्मानित धावक थे कॉमनवेल्थ खेलों में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाले पहले भारतीय थे। खेलों में इनके अतुल्य योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें भारत के चौथे सर्वोच्च सम्मान पदम श्री से सम्मानित किया। मिल्खा सिंह एक पूर्व भारतीय ट्रैक और फील्ड का धावक थे। पाकिस्तान के अभिलेखों के अनुसार इनका जन्म 20 नवंबर 1929 में पाकिस्तान के गोविंदपुर में हुआ। 1962 में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक तथा 1962 में पाकिस्तान में हुई रेस में मिल्खा सिंह ने टोक्यो एशियाई खेलों की 100 मीटर रेस में स्वर्ण पदक विजेता अब्दुल खालिद को हराया इसी दौरान पाकिस्तान राष्ट्रपति अयूब खान ने मिल्खा सिंह को फ्लाइंग सिंह की उपाधि से नवाजा 1960 में ओलंपिक खेलों में मिल्खा सिंह ने 400 मीटर में चौथा स्थान प्राप्त किया।

व्यक्तिगत जीवन के बारे में-

मिल्खा सिंह का सिंह का विवाह भारतीय महिला वॉलीबॉल टीम के पूर्व कप्तान निर्मल कौर के साथ हुआ। तथा उनके एक पुत्र है जिसका नाम जीव मिल्खा सिंह है। जीव मिल्खा सिंह एक गोल्फ प्लेयर हैं।

मिल्खा सिंह की उपलब्धियां-

  • 1958 में एशियाई खेलों में 200 मीटर में स्वर्ण पदक 
  • 1958 में एशियाई खेलों में 400 मीटर में स्वर्ण पदक 
  • 1958 में राष्ट्रमंडल खेलों में 440 मीटर में स्वर्ण पदक 
  • 1953 में पदम श्री से सम्मानित किया गया।
  • 2001 में अर्जुन अवार्ड दिया गया लेकिन मिल्खा सिंह ने अवार्ड लेने से इनकार कर दिया
उनके द्वारा एक पुस्तक भाग मिल्खा भाग लिखी गई। इसके लेखक मिल्खा सिंह सह लेखन सोनिया सवालंका का तथा प्रकाशन प्रभाव प्रकाशन के द्वारा किया गया। इसी पुस्तक पर 2013 में एक फिल्म बनाई गई इसके निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा फिल्म के एक्टर फरहान अख्तर तथा फिल्म एक्ट्रेस सोनम कपूर थे। इस फिल्म के रिलीज होने के बाद मिल्खा सिंह को बहुत ही प्रसिद्धि  प्राप्त हुई तथा प्रत्येक लोगों ने मिल्खा सिंह के संघर्षों के बारे में जाना।


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