पादप हार्मोन एवं उनके कार्य (Plant hormones and their functions)

पादप हार्मोन एवं उनके कार्य

पादप हार्मोन (Plant Hormones)

हारमोंस विशेष कार्बनिक योगिक है जो बहुत कम मात्रा में ही पौधों में उपापचय क्रियाओं को नियंत्रित करता है उस पदार्थ को Photohormones या Plant Growth regulator कहते हैं। पौधों में निम्न प्रकार के हार्मोन्स पाये जाते हैं-
  • आक्सिन हार्मोन
  • जिब्रेलिन हार्मोन
  • साइटोकाइनिन हार्मोन
  • इथिलीन हार्मोन
  • एवसिसिक अम्ल

ऑक्सिन हार्मोन (Auxins Hormones)

इस हार्मोन की खोज डार्विन ने 1880 में की। इसके उदाहरण- इंडोल एसीटिक अम्ल (Indole Acetic acid- IAA), इंडोल ब्यूटिरीक अम्ल ( Indole Buteric acid- IBA), नेफ्थलीन एसीटिक अम्ल (NAA), 2,4,D (2,4, Dichlorophenoxy Acetic acid) हैं।

ऑक्सिन हार्मोन के कार्य

  • इसके मुख्य कार्य निम्न है
  • आक्सिन के कारण पौधों में शीर्ष प्रमुखतः होती है तथा पार्श्व कलिकाओं  (auxiliary bud) की वृद्धि रुक जाती है।
  • कुछ पौधों में शीर्ष कलिका काट दी जाती है जिसके कारण पार्श्व कलिका में वृद्धि होती है।
  • जड़ों की शाखाओं की संख्या बढ़ती है।
  • पत्तियों एवं फूलों के झड़ने पर नियंत्रण रखता है।
  • खरपतवार को नष्ट करता है।
  • बीज रहित फल के निर्माण में सहायक होता है। 
  • बीज रहित फल को parthenocarpic कहते हैं जैसे - टमाटर अंगूर सेव आदि।

जिब्रेलिन हार्मोन (Gibberellin hormone)


जिबरेलिन हार्मोन की खोज जापानी वैज्ञानिक कुरोसोवा ने 1926 में की थी। जिब्रेला फ्यूजी कुयोग नामक कवक से उस हार्मोन को प्राप्त किया गया।

जिब्रेलिन हार्मोन के कार्य

  • इसके कार्य निम्नलिखित हैं।
  • पौधों की लंबाई बढ़ाने में सहायक होता है।
  • बीजो के प्रस्तुताअवस्था को भंग करता है।
  • पुष्पों के बनने पर नियंत्रण रखता है।
  • इसमें प्रयोग प्रायः नर पुष्प की उपस्थिति  होती है।
  • बड़े आकार के फल प्राप्त करने में सहायक होता है।
  • कलिकाओं की प्रसुप्ती को भंग करता है।

साइटोकिनिन हार्मोन (Cytokinin hormone)

साइटोकिनिन हार्मोन की खोज मिलर ने की थी। इस हार्मोन का मुख्य कार्य कोशिका विभाजन को उत्प्रेरित करना है।

साइटोकिनिन हार्मोन के कार्य

  • इसके कार्य निम्नलिखित हैं।
  • या कोशिका विभाजन को उत्प्रेरित करता है।
  • कोशिका विभेदन में सहायक होता है।
  • बीजों एवं तनो की कलिकाओं में प्रसुप्त ऊतकों की वृद्धि के लिए उत्प्रेरित करती है।
  • अग्रस्थ कलिका के प्रभाविता को कम करती है।

इथिलीन हार्मोन (Ethylene hormone)

सिर्फ एथिलीन हार्मोन गैसीय अवस्था में पाया जाने वाला एकमात्र पादप हार्मोन है जिसका मुख्य कार्य फलों को प्राकृतिक रूप से पकाना है।

एथिलीन हार्मोन के कार्य

  • यह फलों को पकाने में सहायक होता है।
  • कद्दू एवं करेला आदि में मादा पुष्प एवं फलों की संख्या में वृद्धि में सहायक है।
  • पत्तियों, पुष्पों एवं फलों में विगलन तथा मादा पुष्पों के विकास में सहायक होता है।
  • रबर प्लांट में लेटेक्स के प्रवाह को प्रेरित करता है।
  • तनु की लंबाई में वृद्धि तथा नर पुष्पों के विकास को समंदित करती है।

एवसिसिक अम्ल हार्मोन (Abscisic acid hormone)

एवसिसिक हार्मोन एक वृद्ध रोधक हार्मोन है। इसका संश्लेषण पत्तियों, तनो,  एवं बीजों में होता है।

एवसिसिक अम्ल का कार्य 

  • इसका प्रभाव निम्नलिखित है।
  • बीजों एवं कलियों को सुसुप्ता अवस्था में रखता है।
  • पुष्पन में सहायक होता है।
  • वाष्पोत्सर्जन को मंद करता है।
  • पत्तियों के विगलन में मुख्य भूमिका अदा करता है।


अन्य पादप हार्मोन 

1. फ्लोरिजेंस (florigens) - पुष्पो के खिलाने में सहायक होता है 
2. ट्राउमैटिन (Traumatin)- हार्मोन्स पौधों में घायल कोशिकाओं को भरने में सहायक होता है।


पादप हार्मोन एवं उनके कार्य 

 हार्मोन
कार्य 
आक्सिन
  • पत्तियों के विघ्न को रोकना
  • खरपतवार को नष्ट करना।
  • फसल गिरने से रोकना आदि।
जिब्रेलिन 
  • बौने पौधों को लम्बा करना।
  • फूल बनने में मदद करना।
इथिलीन 
  • फल पकाने में मदद करना।
  • यह एक मात्र गैसीय हार्मोन है।
एबसीसिक एसिड
  • पुष्पण में बाधक, बीजों को सुषुप्तावस्था में रखना।
  • पत्तियों का विगलन
साइटोकाइनिन 
  • कोशिका विभाजन एवं विकास में मदद करना
  • जीर्णता को रोकना।

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