वर्ण किसे कहते हैं, इसकी परिभाषा, भेद, महत्व और उदाहरण(Varn Kise Kahate Hain)

क्या आप जानते हैं कि शब्द किससे बने होते हैं? ये पोस्ट आपको वर्ण किसे कहते हैं(Varn Kise Kahate Hain), भाषा की सबसे छोटी इकाई से परिचय कराएगा, उनके प्रकारों और महत्व को समझाएगा। हिंदी में सरल भाषा में लिखा, ये पोस्ट आपके भाषा ज्ञान को बढ़ाएगा!

यह लेख हिंदी वर्ण की गहराई से व्याख्या करता है। प्रतियोगी परीक्षाओं के नजरिए से इसकी परिभाषा, भेद, महत्व और उदाहरणों को विस्तार से समझाया गया है। यह लेख न केवल भाषा के मूल तत्वों को सीखने में रुचि रखने वालों के लिए बल्कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भी लाभदायक है।

वर्ण किसे कहते हैं?(Varn Kise Kahate Hain)

भाषा की वह छोटी से छोटी इकाई जिसका उच्चारण स्वतंत्र रूप से किया जा सके, वर्ण कहलाता है। जैसे, “आम” शब्द में तीन वर्ण हैं – अ, आ, और म।

वर्ण की परिभाषा

  • “वर्ण उस मूल ध्वनि को कहते हैं, जिसके खंड या टुकड़े नहीं किये जा सकते।”
  • “भाषा की वह छोटी से छोटी इकाई जिसका उच्चारण स्वतंत्र रूप से किया जा सके, वर्ण कहलाता है।”

वर्ण के भेद

वर्ण दो प्रकार के होते हैं-

  • स्वर
  • व्यंजन

स्वर

स्वर उस मूल ध्वनि को कहते हैं, जिसका उच्चारण बिना किसी अवरोध के होता है। स्वर के उच्चारण में वायु मुख से बिना किसी अवरोध के निकलती है। स्वरों की संख्या 10 है।

स्वर के उदाहरण: अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ

व्यंजन

व्यंजन उस मूल ध्वनि को कहते हैं, जिसका उच्चारण किसी अवरोध के साथ होता है। व्यंजन के उच्चारण में वायु मुख से निकलते समय किसी न किसी अवरोध से टकराती है। व्यंजनों की संख्या 34 है।

व्यंजन के उदाहरण: क, ख, ग, घ, च, छ, ज, झ, ट, ठ, ड, ढ, त, थ, द, ध, न, प, फ, ब, भ, म, य, र, ल, व, श, ष, स, ह

वर्ण के अन्य भेद

  • उच्चारण के आधार पर
    • ओष्ठ्य
    • दन्त्य
    • तालव्य
    • कम्पित
    • घर्षक
    • स्वरन्त
  • उत्पत्ति के आधार पर
    • मूल स्वर
    • व्यंजन
  • वर्णों के योग के आधार पर
    • मूल वर्ण
    • संयुक्त वर्ण
    • व्यंजन संयुक्त वर्ण
    • स्वर व्यंजन संयुक्त वर्ण

वर्ण के उपयोग

  • वर्ण भाषा की सबसे छोटी इकाई हैं।
  • वर्ण के मेल से शब्द बनते हैं।
  • शब्दों के मेल से वाक्य बनते हैं।
  • वाक्यों के मेल से भाषा बनती है।

वर्ण के महत्व

  • वर्ण भाषा का आधार हैं।
  • वर्ण के बिना भाषा का अस्तित्व नहीं है।
  • वर्ण भाषा को अर्थ प्रदान करते हैं।

निष्कर्ष

वर्ण भाषा की सबसे छोटी इकाई हैं। वर्ण के मेल से शब्द बनते हैं, शब्दों के मेल से वाक्य बनते हैं और वाक्यों के मेल से भाषा बनती है। अतः वर्ण भाषा का आधार हैं और उनका महत्व अत्यधिक है।

उदाहरण

  • “खा लो ।” में चार वर्ण हैं, क्योंकि (ख्, आ) तथा (ल, ओ) के और टुकड़े या खंड नहीं हो सकते।
  • “भारत” में चार वर्ण हैं, क्योंकि (ब, र, आ, त) के और टुकड़े या खंड नहीं हो सकते।

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